वामपंथ: "अ" से लेकर "ज्ञ" तक (अंतिम भाग निष्कर्ष - एक)
सभी भग्नि बंधुओं को हर हर महादेव 🙏🙏🙏🙏 वामपंथ : "अ" से लेकर "ज्ञ" तक(अंतिम भाग निष्कर्ष १) इस वामपंथ लेख श्रृंखला में हमने वामपंथियों और उनकी रणनीतियों के बारे में जाना। आज जानेंगे कि इस राक्षसी प्रवृत्ति के लोगों से बचने का तोड़ क्या है - अगर मैं आप सबसे सीधे शब्दों में कहूं कि इन लोगों का तोड़ एक ही है वो है - "सनातन" संस्कृति को अपने जीवन आचरण में लाना। तो आप क्या कहेंगे??? शायद आप थोड़ा चौंक जाएंगे!! या फिर शायद न भी चौंके..... पर सत्य तो यही है...... तो आज हम साम्यवाद (communism) और सनातन के बीच एक तुलनात्मक अध्ययन करेंगे और आखिर तक मैं इस बात को पूरा समझाने का प्रयास करूंगा कि कैसे हम सबका अपने "सनातन मूल्यों" का अभ्यास करना हमारे देश को वामपंथियों की हिंसा की विचारधारा (leftists's ideology of violence) से मुक्त कर सकता है। अगर "साम्यवादियों" ( communists) के सिध्दांतों की बात की जाए तो चाहे वो - *सीमाओं के उन्मूलन का विचार हो। *राज्य या राष्ट्र अवधारणा को समाप्त करना या फिर अराजकता के समर्थन का सिध्दां...